कमर ही तोड़ना
राज की बात ये है के बड़ी दूर आ चुके हैं हम
अब रोने से क्या होगा भरपूर आ चुके हैं हम
दूर से रिश्ता रखने वालो के शुक्रगुजार हैं हम
नजदीक वालो के बड़े बुरे रिश्तेदार हैं हम
हम मजहब के तराजू में तुलकर परेशान हैं
कपड़ो से पहचाने जाने वाले इंसान हैं
अबकी बार जब फंदा बनाना कोई कसर ना छोड़ना
गला हाथ आ जाए तो गला वरना कमर ही तोड़ना
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