इस तरह और उसको चाहने लगा हूं
ख्यालों में भी अब उसको भुलाने लगा हूं l
मैं इस तरह और उसको चाहने लगा हूं l
आशिक़ी में बेपरवाह किरदार जैसे होते थे l
में भी अब उन सा ही पगलाने लगा हूं l
दूर दूर से थोड़ा थोड़ा चखता हूं उसे ।
आस पास जाते ही घबराने लगा हूं ।
गलियों में खुद को घुमाने लगा हूं ।
मैं तिरछे तिराहों पे आने जाने लगा हूं ।
मैं ना जाने किस रिश्ते को आजमाने लगा हूं ।
सोचा ना जाए जो वो समझाने लगा हूं ।
इस तरह और उसको चाहने लगा हूं ।
~जुगनू
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