मै नारी हूँ




दुनिया के रंगों की जान पहचान हूँ, मै ही हूँ ममता और मै ही बलवान हूँ |
मै कतरा हूँ कुदरत हूँ मै ही कतार हूँ, मै ही पहुंच हूँ और मै ही पहचान हूँ ||

मैने रस्ते के खतरों को कतरों में काटा है, आंसू जला के ग़मों को बाँटा है |
खून की लाली की ख़्वाब खानदान हूँ, में ही हूँ भगवन और में ही अनजान हूँ ||

मै संग दाने एक अकेली आस हूँ, मै करोडो पयासों की अनबुझी प्यास हूँ |
में देवी हूँ दासी हूँ मान हूँ मै ज्ञान हूँ, अंक हूँ कलंक हूँ मै नाम हूँ बदनाम हूँ ||

मै जन की आस हूँ मै जन की सांस हूँ, मै जननी हूँ जंतर हूँ जीवन प्रयास हूँ |
मै संग हूँ मलंग हूँ विद्रोह हूँ तलवार हूँ, अखंड हूँ मै दंड हूँ मै प्यार हूँ पुरस्कार हूँ ||

सुर हूँ मै साज़ हूँ मै जंगे आग़ाज़ हूँ, आँचल हूँ घूंघट हूँ  करहाती आवाज़ हूँ ||
मै आज हूँ मै कल हूँ मै ही हर तार हूँ, मै नारी हूँ मै नम्र हूँ मै यारी हूँ मै प्यार हूँ || 




-जुगनू 

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